Jharkhand: भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने रांची में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश की लोकतांत्रिक बहुदलीय व्यवस्था को कमजोर कर एक पार्टी के वर्चस्व वाला राजनीतिक ढांचा खड़ा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही झारखंड में "वोट बचाओ-रोजगार बचाओ" अभियान की शुरुआत करेगी। दीपांकर भट्टाचार्य ने हालिया राज्यसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड में राजनीतिक परिस्थितियां कुछ राज्यों जैसी नहीं बनीं। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता ने जिस जनादेश के साथ भाजपा को सत्ता से दूर रखा है, उसी भावना के अनुरूप उनकी पार्टी के विधायक महागठबंधन के पक्ष में मतदान करेंगे। उनके अनुसार, भाजपा की राजनीतिक रणनीति झारखंड में सफल नहीं होगी।
चुनाव आयोग और ईवीएम पर उठाए सवाल
उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। दीपांकर ने कहा कि देश में चुनावों को लेकर कई तरह की चिंताएं सामने आ रही हैं और निर्वाचन प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने कुछ राज्यों में सामने आई घटनाओं का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। भाकपा (माले) नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों और आर्थिक प्रभाव का उपयोग कर विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ खड़ी है और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने का प्रयास जारी रखेगी।
विदेश नीति और महंगाई पर केंद्र को घेरा
केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश नीति के मोर्चे पर सरकार अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। साथ ही बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने घोषणा की कि भाकपा (माले) 15 जून से 15 जुलाई तक ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और मजदूरों के मुद्दों को लेकर व्यापक जनअभियान चलाएगी। उनके मुताबिक, गांवों में काम की कमी और बढ़ती आर्थिक परेशानी को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान और आंदोलन आयोजित किए जाएंगे।
शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दे उठाए
दीपांकर ने युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर देशभर में असंतोष का माहौल है। छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। झारखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर उनकी पार्टी संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने बड़े औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में प्रभावित लोगों की आवाज उठाने की बात कही।
मतदाता सूची को लेकर भी जताई चिंता
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि किसी भी नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष और समावेशी चुनाव प्रक्रिया जरूरी है।