Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की सियासत में विधायक के हस्ताक्षर से जुड़े विवाद ने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. रविवार को वह एक बार फिर राज्य पुलिस की सीआईडी के मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे मामले को लेकर दोबारा पूछताछ की जा रही है. इससे पहले भी वह इसी मामले में कई घंटों तक जांच अधिकारियों के सवालों का जवाब दे चुके हैं.
तय समय से पहले ही CID मुख्यालय पहुंच गए अभिषेक बनर्जी
जांच एजेंसी ने अभिषेक बनर्जी को दोपहर 12 बजे तक उपस्थित होने के लिए कहा था. हालांकि वह निर्धारित समय से पहले ही सीआईडी कार्यालय पहुंच गए. कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने रिसेप्शन पर अपनी पहचान से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कीं और उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बाद अधिकारियों के सामने पेश हुए.
पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है. अतिरिक्त पुलिस बल के साथ केंद्रीय बलों की भी तैनाती की गई है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो.
हाईकोर्ट ने जांच में सहयोग करने को कहा, फिलहाल राहत भी दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हस्ताक्षर विवाद मामले में अभिषेक बनर्जी को राज्य पुलिस की खुफिया शाखा की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगले दो सप्ताह तक उनके खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.
पहले भी पांच घंटे से ज्यादा चली थी पूछताछ
इससे पहले 11 जून को भी अभिषेक बनर्जी इसी मामले में सीआईडी मुख्यालय पहुंचे थे. उस दौरान उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई थी. शुरुआती जांच के बाद अधिकारियों ने उन्हें दोबारा उपस्थित होने के लिए कहा था, जिसके बाद वह रविवार को फिर से जांच एजेंसी के सामने पेश हुए.
सोमवार को ED और मंगलवार को फिर CID के सामने होना है पेश
अभिषेक बनर्जी के लिए आने वाले दो दिन भी काफी अहम रहने वाले हैं. सोमवार 15 जून को उन्हें पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय में पेश होना है. इस संबंध में ईडी ने उन्हें 3 जून को नोटिस जारी किया था.
इसके बाद मंगलवार 16 जून को उन्हें एक अन्य मामले में फिर सीआईडी मुख्यालय पहुंचना होगा. इस मामले में उन पर विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने और हिंसा भड़काने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं. इस संबंध में सीआईडी ने 12 जून को नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है.
लगातार बढ़ रही जांच एजेंसियों की गतिविधियां, बंगाल की राजनीति पर भी नजर
अभिषेक बनर्जी से जुड़े अलग अलग मामलों में लगातार जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी हुई है. आने वाले दिनों में सीआईडी और ईडी की पूछताछ पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी रहेगी. साथ ही इन घटनाक्रमों का असर पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी पड़ सकता है.
विधायक हस्ताक्षर विवाद से लेकर शिक्षक भर्ती मामले तक, अभिषेक बनर्जी को लगातार जांच एजेंसियों के सामने पेश होना पड़ रहा है. हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत के बीच अगले कुछ दिन उनके लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. ऐसे में जांच की दिशा और उससे निकलने वाले निष्कर्षों पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी रहेगी.