Adityapur: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में एक पत्रकार और उनके पुत्र पर हुए जानलेवा हमले ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार शाम मोतीनगर इलाके में पत्रकार सुनील गुप्ता और उनके पुत्र अनुराग कुमार गुप्ता पर कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार पत्रकार सुनील गुप्ता बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शोर सुनकर बीच-बचाव के लिए पहुंचे उनके पुत्र अनुराग कुमार गुप्ता को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा और उनकी भी जमकर पिटाई कर दी। आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया जा सका।
कई लोगों पर हमला करने का आरोप
घटना में प्रकाश कुमार यादव, दिनेश कुमार यादव, नीरज कुमार यादव समेत अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार रविवार को वन विभाग की टीम मोतीनगर क्षेत्र में वन भूमि पर संचालित कथित अवैध खटालों को लेकर जांच और पूछताछ करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि इसी मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद की वजह से पत्रकार पर हमला किया गया।
वन भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोतीनगर इलाके में लंबे समय से वन विभाग की जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर खटालों का संचालन किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। ऐसे में पत्रकार पर हुआ हमला कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। घटना के बाद जिले भर के पत्रकारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। विभिन्न पत्रकार संगठनों ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले पत्रकारों को निशाना बनाना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है।
दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
पत्रकार संगठनों ने पुलिस प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था करने की भी मांग उठाई गई है। फिलहाल आदित्यपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम पर जिले भर के पत्रकारों की नजर बनी हुई है।