Trump Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक बड़े शांति समझौते की घोषणा की है. इस ऐलान के साथ वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम होने की उम्मीद बढ़ गई है. ट्रंप ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा जहाजों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा और अमेरिकी नौसेना को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी समाप्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी और दुनिया को दिया खास संदेश
रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर पूरा हो चुका है और दोनों पक्ष एक व्यापक शांति समझौते पर पहुंच गए हैं. उन्होंने वार्ता में शामिल सभी पक्षों को बधाई देते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के खोलने की मंजूरी दी जा रही है.
ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को ईरानी बंदरगाहों के आसपास लागू नाकेबंदी को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार को संदेश देते हुए कहा कि अब जहाज अपने इंजन चालू करें और तेल की आपूर्ति सामान्य रूप से आगे बढ़े.
पाकिस्तान की मध्यस्थता से आगे बढ़ी बातचीत और बनी सहमति
इस समझौते को अंतिम रूप देने में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है. ट्रंप की घोषणा से पहले पाकिस्तान ने भी पुष्टि की थी कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत सफल रही है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि विस्तृत और गहन वार्ताओं के बाद अमेरिका और ईरान शांति के रास्ते पर सहमत हुए हैं. उनके मुताबिक यह समझौता केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि लेबनान समेत विभिन्न मोर्चों पर चल रहे सैन्य अभियानों को भी तत्काल और स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है.
स्विट्जरलैंड में अगले सप्ताह समझौते पर होंगे आधिकारिक हस्ताक्षर
हालांकि शांति समझौते की घोषणा कर दी गई है, लेकिन इसका औपचारिक दस्तावेज अभी तैयार होना बाकी है. शहबाज शरीफ के अनुसार दोनों देशों के प्रतिनिधि आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में मुलाकात करेंगे, जहां इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे.
हाल के दिनों में पाकिस्तान के कुछ बयानों पर ईरान की ओर से आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी. इसी वजह से समझौते की मजबूती और उसके विभिन्न पहलुओं को लेकर कूटनीतिक हलकों में चर्चा जारी है. फिलहाल समझौते के विस्तृत प्रावधान सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से किस समय से खोला जाएगा.
दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए क्यों बेहद अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की करीब 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी रास्ते से होती है. यही वजह है कि इसे ऊर्जा क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण चोक पॉइंट माना जाता है.
28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने इस समुद्री मार्ग को बंद कर दिया था. इसके बाद अप्रैल में पाकिस्तान में हुई बातचीत असफल रहने पर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू कर दी थी. अब शांति समझौते और समुद्री मार्ग खुलने की संभावना के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद जताई जा रही है.
वैश्विक बाजार के लिए राहत की खबर बन सकता है यह समझौता
अमेरिका और ईरान के बीच घोषित यह समझौता केवल दो देशों के रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है. यदि सभी प्रक्रियाएं तय योजना के मुताबिक पूरी होती हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा सामान्य रूप से खुल जाता है, तो दुनिया भर में तेल आपूर्ति की स्थिति बेहतर होने के साथ कीमतों में भी राहत देखने को मिल सकती है.