Jharkhand News: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची में आयोजित मेडटेक इनोवेशन डे के दौरान डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स परियोजना की शुरुआत की.
इस पहल के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में विकसित नई तकनीकों, डिजिटल समाधानों और उपकरणों को पहले जिला स्तर पर वास्तविक परिस्थितियों में परखा जाएगा. सफल परिणाम मिलने के बाद इन्हें पूरे राज्य में लागू किया जाएगा.
कार्यक्रम का आयोजन भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) और PHIA फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान 13 मेडटेक स्टार्टअप्स ने एनीमिया, टीबी, मधुमेह, ब्लड प्रेशर समेत कई बीमारियों की जांच और निगरानी से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया.
दूरदराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने में तकनीक बनेगी मददगार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य में जहां कई इलाके दुर्गम हैं, वहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक इस चुनौती को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकती है.
उन्होंने कहा कि राज्य में खनन गतिविधियों के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं भी सामने आती हैं. ऐसे में तकनीक आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने में मदद करेगी.
सीएम ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदर्शित किए गए आधुनिक उपकरणों और समाधानों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो और मरीजों को तेजी से लाभ मिल सके.
रियल टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य में रियल टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य संबंधी डेटा के आधार पर क्षेत्र विशेष की समस्याओं को समझकर बेहतर योजनाएं बनाई जा सकती हैं.
वहीं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों को तकनीक की मदद से दूर किया जाएगा. सरकार अगले 4-5 वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है.
स्वास्थ्य मंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से सुधार कर रही है. उन्होंने मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने, डॉक्टरों की कमी दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की बात कही.
उन्होंने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए अबुआ मेडिकल स्टोर योजना शुरू की जा रही है. इसके तहत राज्यभर में 745 मेडिकल स्टोर खोले जाने की योजना है.
मेडटेक इनोवेशन डे में प्रदर्शित AI आधारित जांच प्रणाली, पोर्टेबल डायग्नोस्टिक डिवाइस और डिजिटल हेल्थ मॉनिटरिंग तकनीकों को लेकर अधिकारियों ने चर्चा की. सरकार का दावा है कि इन पहलों से आने वाले समय में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.