Jamshedpur: मंगलवार देर रात गोली लगने से घायल हुए राजनगर निवासी देवदास गौड़ की इलाज के दौरान मौत हो गई। देवदास को गंभीर हालत में एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शुरुआत में घटना को बालीगुमा क्षेत्र की बताई जा रही थी, लेकिन पुलिस जांच में मामला पूरी तरह अलग निकला। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गोलीकांड बालीगुमा में नहीं, बल्कि उलीडीह थाना क्षेत्र की खड़िया बस्ती में हुआ था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घायल देवदास को अस्पताल पहुंचाने वाला उसका साथी देवाशीष ही गोली चलाने वाला आरोपी है।
शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद
सूत्रों के अनुसार घटना की रात देवाशीष, देवदास गौड़ और नीरज प्रधान खड़िया बस्ती में एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर देवाशीष और देवदास के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और गुस्से में आकर देवाशीष ने देसी कट्टा निकालकर देवदास पर फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि गोली देवदास के गले के पास लगी और आर-पार होते हुए पीठ की ओर निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
गोली मारने के बाद खुद अस्पताल लेकर पहुंचा आरोपी
घटना के बाद देवाशीष और नीरज प्रधान घायल देवदास को थार वाहन से एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद दोनों वहां से निकल गए और बाद में आरआईटी थाना के एएसआई पंकज कुमार को साथ लेकर फिर अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और देवाशीष व नीरज प्रधान से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों के बयान अलग-अलग पाए गए, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। वहीं उनके साथ मौजूद आरआईटी थाना के एएसआई पंकज कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे। संदेह के आधार पर पुलिस ने देवाशीष, नीरज प्रधान और एएसआई पंकज कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
कड़ाई से पूछताछ में खुला राज
शुरुआत में तीनों पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद देवाशीष टूट गया और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दे दी। इसके बाद वह पुलिस को घटनास्थल पर लेकर गया, जहां से मामले की पुष्टि हुई। पुलिस ने घटनास्थल से चार ग्लास बरामद किए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि सभी लोग शराब का सेवन कर रहे थे। मौके से खून के निशान भी मिले हैं। वहीं देवाशीष की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा भी बरामद कर लिया है।
परिजनों को सुबह मिली घटना की जानकारी
मृतक देवदास गौड़ के परिजनों ने बताया कि वह मंगलवार शाम करीब चार बजे घर से निकला था। उसने कहा था कि वह रात तक वापस लौट आएगा, लेकिन घर नहीं लौटा। बुधवार सुबह करीब चार बजे पुलिस की ओर से फोन आने पर उन्हें घटना की जानकारी मिली। फिलहाल देवदास का शव एमजीएम अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। वहीं हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है।