Ranchi News : झारखंड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मनरेगा आयुक्त ने की, जिसमें सभी जिलों में चल रहे कार्यों, श्रमिकों के E-KYC, NMMS (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) के उपयोग और लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
e-KYC और NMMS की प्रगति पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में श्रमिकों के e-KYC कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिन जिलों में e-KYC की प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां अभियान चलाकर लक्ष्य जल्द पूरा करने को कहा गया। साथ ही मनरेगा कार्यों में NMMS ऐप के प्रभावी उपयोग और उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
लंबित योजनाएं समय पर पूरी करने के निर्देश
मनरेगा आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधूरी और लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ योजनाओं का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
समय पर मजदूरी भुगतान और निगरानी पर जोर
बैठक में मनरेगा मजदूरों के समय पर भुगतान, तकनीकी स्वीकृतियों, मस्टर रोल, जियो टैगिंग और अन्य प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और मजदूरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सभी जिला अधिकारियों से कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और विकास कार्यों को गति मिल सके।