Seraikela: दक्षिण पूर्व रेलवे की 106वीं क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की बैठक बुधवार को कोलकाता स्थित ताज बंगाल होटल में आयोजित हुई। बैठक में नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष एवं ZRUCC सदस्य मनोज कुमार चौधरी ने कोल्हान प्रमंडल के रेल विकास, यात्री सुविधाओं और क्षेत्रीय हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक से पूर्व दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया।
“कोल्हान विशेष सुविधा नहीं, विकास में न्यायसंगत भागीदारी चाहता है”
बैठक में मनोज चौधरी ने कहा कि चक्रधरपुर मंडल भारतीय रेल को हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये का राजस्व देता है। लौह अयस्क, कोयला और इस्पात के परिवहन से रेलवे को भारी आय होती है, लेकिन इसके बावजूद कोल्हान क्षेत्र रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं के मामले में पीछे है। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि कोल्हान की जनता को भी रेल विकास में उसका उचित अधिकार मिले। कोल्हान किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहा, बल्कि विकास में न्यायसंगत भागीदारी चाहता है।”
आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा पर जताई चिंता
मनोज चौधरी ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र पांचवीं अनुसूची और पेसा अधिनियम के तहत आने वाला आदिवासी बहुल इलाका है। औद्योगिक और खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद यहां की बड़ी आबादी आज भी बेहतर रेल सेवाओं से वंचित है।
उन्होंने कहा कि कमजोर रेल संपर्क के कारण उद्योग, व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सरायकेला मुख्यालय को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग
बैठक में उन्होंने सरायकेला जिला मुख्यालय को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि विश्वप्रसिद्ध सरायकेला छऊ नृत्य का केंद्र होने के बावजूद जिला मुख्यालय आज भी सीधे रेल संपर्क से वंचित है, जिससे पर्यटकों, छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को काफी परेशानी होती है।
बैठक में रखी गईं प्रमुख मांगें
मनोज चौधरी ने कोल्हान क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
- सरायकेला जिला मुख्यालय को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए सर्वेक्षण कराया जाए।
- चाईबासा से रांची, कोलकाता और पुरी के लिए नई ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएं।
- कोल्हान क्षेत्र में MEMU और पैसेंजर ट्रेनों का नेटवर्क विस्तारित किया जाए।
- चाईबासा में पिट लाइन एवं कोचिंग टर्मिनल का निर्माण किया जाए।
- मालगाड़ियों के कारण यात्री ट्रेनों में होने वाली देरी की समस्या का समाधान किया जाए।
- आदिवासी एवं पेसा क्षेत्रों के लिए विशेष रेलवे विकास पैकेज लागू किया जाए।
- पिछली ZRUCC बैठकों की Action Taken Report नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए।
- कांड्रा जंक्शन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
मालगाड़ियों को प्राथमिकता मिलने से यात्री हो रहे परेशान
मनोज चौधरी ने बैठक में यह मुद्दा भी उठाया कि मालगाड़ियों को अत्यधिक प्राथमिकता मिलने के कारण यात्री ट्रेनें घंटों विलंब से चल रही हैं। इसका सीधा असर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और आम यात्रियों पर पड़ रहा है।
उन्होंने रेलवे प्रशासन से यात्री ट्रेनों के समयपालन को प्राथमिकता देने की मांग की।
“रेलवे केवल परिवहन नहीं, विकास का आधार है”
बैठक के अंत में मनोज चौधरी ने कहा कि रेलवे केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि जब तक सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम जैसे क्षेत्रों को मजबूत रेल कनेक्टिविटी नहीं मिलेगी, तब तक विकास की रफ्तार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाएगी। उन्होंने कहा कि ZRUCC सदस्य बनने के बाद से वह लगातार कोल्हान क्षेत्र के रेल विकास से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं और आगे भी जनहित के लिए अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।