Jharkhand: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक हेतु विभिन्न राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से योग्य अधिकारियों एवं कर्मियों के नाम आमंत्रित किए हैं। इस संबंध में झारखंड सरकार को भी पत्र भेजकर पात्र उम्मीदवारों की अनुशंसा करने को कहा गया है। यह सम्मान सुरक्षा, जांच, खुफिया और फोरेंसिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रदान किया जाता है।
चार प्रमुख श्रेणियों में होगा चयन
गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह पदक उन अधिकारियों और कर्मियों को दिया जाएगा, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में असाधारण दक्षता और उत्कृष्ट सेवा का परिचय दिया हो। चयन के लिए मुख्य रूप से चार क्षेत्रों को शामिल किया गया है:
चुनौतीपूर्ण एवं साहसिक अभियानों के सफल संचालन में विशेष योगदान।
अपराध अनुसंधान और जांच कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन।
खुफिया सूचनाओं के संग्रह एवं विश्लेषण में उल्लेखनीय सेवा।
फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों द्वारा किए गए सराहनीय कार्य।
15 जुलाई तक ऑनलाइन भेजी जा सकेगी अनुशंसा
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खुफिया विभाग को छोड़कर अन्य सभी श्रेणियों के लिए नामांकन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया 16 जून से शुरू हो चुकी है और 15 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। वहीं, इंटेलिजेंस से संबंधित मामलों में अनुशंसाएं ऑनलाइन स्वीकार नहीं की जाएंगी। ऐसे प्रस्ताव सीलबंद लिफाफे में सीधे इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली को भेजने होंगे।
नामांकन से पहले जांचना होगा रिकॉर्ड
गृह मंत्रालय ने राज्यों और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन अधिकारियों के नाम भेजे जाएं, उनका सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह साफ होना चाहिए। किसी भी उम्मीदवार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, न्यायिक मामला या गंभीर अनुशासनात्मक दंड लंबित नहीं होना चाहिए। इसके अलावा पिछले पांच वर्षों के दौरान संबंधित अधिकारी को कोई बड़ी सजा नहीं मिली हो। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि किसी एक विशेष उपलब्धि के आधार पर किसी अधिकारी का नाम एक से अधिक पुरस्कार श्रेणियों में नहीं भेजा जाए।
एकमुश्त भेजनी होगी सूची
गृह मंत्रालय ने विभागों को सलाह दी है कि सभी नामों की समीक्षा के बाद एक साथ अंतिम सूची भेजी जाए। अलग-अलग चरणों में या टुकड़ों में भेजे गए प्रस्तावों से बचने को कहा गया है, ताकि चयन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके। यह पदक देश की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, खुफिया तंत्र और वैज्ञानिक जांच प्रणाली को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले अधिकारियों के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।