Jharkhand News: बोकारो कोषागार से वेतन भुगतान के नाम पर हुई करीब 11 करोड़ रुपये की कथित अवैध निकासी के मामले में सीआईडी की विशेष अदालत ने तीन आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है. अदालत अब इस मामले में 24 जून को अपना फैसला सुनाएगी.
जमानत मांगने वालों में पुलिस विभाग की लेखा शाखा से जुड़े एएसआई अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार और काजल मंडल शामिल हैं. सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और सीआईडी की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया.
एसपी कार्यालय की लेखा शाखा से सामने आया था मामला
यह पूरा मामला बोकारो जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की लेखा शाखा में हुई कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है. जांच की शुरुआत तब हुई जब महालेखाकार (AG) की रिपोर्ट में वेतन मद की राशि में गड़बड़ी सामने आई.
इसके बाद वित्त विभाग के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई और बोकारो में प्राथमिकी दर्ज की गई. जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी राशि को नियमों के विपरीत अलग-अलग खातों में भेजकर निकासी की गई.
कई जिलों में वेतन घोटाले के संकेत
मामले की जांच आगे बढ़ने पर यह भी सामने आया कि कथित गड़बड़ी सिर्फ बोकारो तक सीमित नहीं थी. जांच एजेंसियों को हजारीबाग, चाईबासा, रांची और रामगढ़ में भी वेतन मद की राशि में अनियमित निकासी के संकेत मिले हैं.
इस मामले में मुख्य आरोपी कौशल पांडेय को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. इसके बाद जांच के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई की गई. अब सभी की नजरें 24 जून को आने वाले अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आरोपियों को जमानत मिलती है या नहीं.