Ranchi News : मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल हृदय आश्रम से बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त के बहुचर्चित मामले में रांची सिविल कोर्ट ने दो आरोपियों को बरी कर दिया है। अपर न्यायायुक्त शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने सिस्टर कांसिलिया बाखला और अनिमा इंदवार को साक्ष्य और गवाहों के अभाव में दोषमुक्त घोषित किया।
गवाहों के नहीं आने से कमजोर पड़ा अभियोजन पक्ष
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष का बयान दर्ज नहीं हो सका। अदालत द्वारा कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद पीड़ित पक्ष गवाही देने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इसके चलते अभियोजन पक्ष आरोपों को अदालत में साबित नहीं कर सका और इसका लाभ दोनों आरोपियों को मिला।
2018 में सामने आया था बहुचर्चित मामला
वर्ष 2018 में निर्मल हृदय आश्रम से बच्चों की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था। मामले में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त के आरोप में सिस्टर कांसिलिया बाखला और अनिमा इंदवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
इसके बाद मामले की सुनवाई रांची सिविल कोर्ट में चलती रही। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य और विश्वसनीय गवाहों के अभाव में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।