Seraikela: ईचागढ़ थाना की ओर से शुक्रवार को अतरग्राम गांव में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक, कानूनी और सुरक्षा संबंधी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी तथा जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है तथा परिवार और समाज दोनों के लिए नुकसानदायक है।
डायन प्रथा, बाल विवाह और महिला सुरक्षा पर चर्चा
ग्रामीणों को डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून, महिला अपराधों और महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उपस्थित लोगों को पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के प्रावधानों से अवगत कराया गया। ग्रामीणों से बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।
साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस ने साइबर फ्रॉड से बचने के उपायों की जानकारी दी। लोगों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में बताया गया तथा किसी भी स्थिति में ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बच्चा चोरी जैसी अफवाहों को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इस दौरान ग्रामीणों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सहायता सेवा डायल-112 की जानकारी भी दी गई।
सड़क सुरक्षा और नेक मददगारों के अधिकारों पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर दिया गया। साथ ही सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले गुड समेरिटन (Good Samaritan) यानी नेक मददगारों के अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि लोग बिना किसी भय के जरूरतमंदों की सहायता कर सकें। ईचागढ़ थाना प्रभारी गौरव कुमार ने कहा कि अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित समाज के निर्माण में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण कानून और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने ग्रामीणों से पुलिस का सहयोग करने और किसी भी आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।