Chakradharpur News: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में मानव तस्करी की एक बड़ी साजिश को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने विफल कर दिया. बुधवार को चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया गया, जिन्हें कथित रूप से बहला-फुसलाकर तमिलनाडु ले जाया जा रहा था. मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
आरपीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिग लड़कियों को संदिग्ध परिस्थितियों में तमिलनाडु ले जाया जा रहा है. सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने चक्रधरपुर स्टेशन पर निगरानी बढ़ाते हुए घेराबंदी की. जांच के दौरान एक व्यक्ति दो नाबालिग लड़कियों के साथ संदिग्ध अवस्था में मिला, जिसे तत्काल हिरासत में लिया गया.
आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में हुआ खुलासा
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोमनाथ लागुरी (33 वर्ष), निवासी बोन-हरतालाब, थाना टोन्टो, जिला पश्चिमी सिंहभूम के रूप में हुई है. पूछताछ में पता चला कि वह दोनों नाबालिग लड़कियों को पैसों का लालच देकर तमिलनाडु के वी-3 थाना क्षेत्र में ले जा रहा था. टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों लड़कियों को आरोपी के चंगुल से मुक्त करा लिया.
परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू
फिलहाल दोनों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंपा जाएगा. वहीं आरोपी के खिलाफ मानव तस्करी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
संयुक्त टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस अभियान में जीआरपी थाना प्रभारी मो. सुहेल खान, मंगरा उरांव, दीपक महतो, महावीर गागराई और लक्ष्मी गागराई शामिल रहे. वहीं आरपीएफ की ओर से सुशील कुमार, जयंत कुमार, राकेश कुमार, सुधीर कुमार, उमाशंकर धार, आर.के. पाल और पिंकी पुरती की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
रेलवे ने लोगों से की अपील
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए स्टेशनों पर निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है. आम लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 या आरपीएफ को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.