East Singhbhum News: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका स्थित पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की सातवीं कक्षा की छात्रा लख्खी सरदार की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई. छात्रा की मौत के बाद परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. वहीं, परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
अनाथ थी छात्रा, बेहतर भविष्य के लिए कराया गया था नामांकन
जानकारी के अनुसार, सानग्राम पंचायत के सानग्राम गांव निवासी लख्खी सरदार के माता-पिता का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था. अनाथ होने के कारण परिजनों ने उसकी पढ़ाई और बेहतर भविष्य की उम्मीद में पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में उसका नामांकन कराया था.
बुखार के बाद बिगड़ी तबीयत
विद्यालय में पढ़ाई के दौरान लख्खी की तबीयत अचानक खराब हो गई. उसे तेज बुखार की शिकायत हुई, जिसके बाद विद्यालय प्रबंधन ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका में भर्ती कराया.
तीन अस्पतालों में चला इलाज
स्वास्थ्य केंद्र में हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने छात्रा को सदर अस्पताल रेफर कर दिया. वहां भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे एमजीएम अस्पताल भेजा गया. एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार देर शाम उसकी मौत हो गई. चिकित्सकों ने मौत का कारण ब्रेन मलेरिया बताया है.
मुखिया ने उठाए स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल
घटना के बाद सानग्राम पंचायत के मुखिया ने गहरा दुख जताते हुए विद्यालय की स्वास्थ्य और आवासीय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार कस्तूरबा विद्यालयों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि बच्चों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण नहीं मिल रहा है तो यह चिंता का विषय है. मुखिया का कहना है कि ब्रेन मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी समय पर उचित देखभाल और इलाज मिलने पर नियंत्रित की जा सकती थी. इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
गांव में शोक, जांच की मांग
छात्रा की मौत के बाद गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की गंभीर जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.