Manipur: मणिपुर में सुरक्षा एजेंसियों ने उग्रवाद और अवैध गतिविधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए पिछले 24 घंटे के दौरान पांच संदिग्ध उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान कई स्थानों से हथियार, गोला-बारूद और मादक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक 25 जून को काकचिंग जिले में चलाए गए अभियान के दौरान सोरेपा संगठन से जुड़े सक्रिय सदस्य शामजेतशाबाम कोकफाई मैतेई (26) को उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। उस पर रंगदारी वसूलने सहित अन्य गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इसी दिन थौबल जिले के वांगजिंग सबल लेइकाई इलाके में कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने केवाईकेएल संगठन के सक्रिय सदस्य कोंसम ओकेन मैतेई उर्फ माइजाओ, मालेमंगनबा और बोदे (36) को भी हिरासत में लिया।
सुनसान इलाके से मिला हथियारों का जखीरा
एक अन्य अभियान में इंफाल पश्चिम जिले के फायेंग और खरांग कोईरेंग-तैरेनपोकपी के बीच स्थित निर्जन क्षेत्र में तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। जब्त सामान में तीन एके राइफल, एक 9 एमएम पिस्तौल, चार मैगजीन, विभिन्न बोर के 37 कारतूस और दो बाओफेंग वायरलेस सेट शामिल हैं। इंफाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयरपोर्ट पुलिस और सीआईएसएफ द्वारा संयुक्त जांच के दौरान एक यात्री के सामान से करीब 420 ग्राम गांजा बरामद किया गया। आरोपी की पहचान इंफाल पूर्व जिले के रहने वाले 23 वर्षीय हेरिश माईबाम के रूप में हुई है। मादक पदार्थ मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
दो और उग्रवादियों को दबोचा, पिस्तौल भी बरामद
इसी अभियान के तहत इंफाल पूर्व जिले के पोरोमपट थाना क्षेत्र से प्रेपाक (प्रो) संगठन के कथित भर्तीकर्ता वांगखेइराकपाम रोमियो मैतेई उर्फ बरुनी उर्फ कौब्रू (45) को गिरफ्तार किया गया। वहीं थौबल जिले के याइरिपोक काकमयाई लामखाई इलाके से एनआरएफएम संगठन के सक्रिय सदस्य आरके बोथोई उर्फ अमित उर्फ सिंथांगाम्बा (30) को भी हिरासत में लिया गया। उसके कब्जे से एक 0.32 बोर की पिस्तौल, एक मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनके माध्यम से उग्रवादी संगठनों के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। राज्य में उग्रवाद और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।