Jharkhand News: झारखंड सरकार ने सिविल सेवा की तैयारी कर रहे आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर उपलब्ध कराया है. कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान (टीआरआई) की ओर से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क गैर-आवासीय कोचिंग शुरू की जा रही है.
इस कार्यक्रम के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) और आदिम जनजाति समूह के इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं. आवेदन पत्र टीआरआई की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 16 जुलाई की शाम 5 बजे निर्धारित की गई है.
अनुभवी शिक्षकों से मिलेगी तैयारी की सुविधा
इस पहल का उद्देश्य झारखंड के आदिवासी विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के अनुभवी शिक्षकों से मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे सिविल सेवा जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें.
चयन प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी. उम्मीदवारों का चयन 10वीं, 12वीं और स्नातक परीक्षा के अंकों के साथ-साथ पहले दी गई सिविल सेवा परीक्षाओं के अनुभव के आधार पर किया जाएगा.
खुला विश्वविद्यालय अगले सत्र से शुरू करेगा पांच नए कौशल आधारित पाठ्यक्रम
इधर, झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का गुरुवार को समापन हो गया. कार्यशाला के अंतिम दिन बदलते रोजगार परिदृश्य, कौशल विकास, कार्यक्षमता और रोजगारपरक योग्यता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.
प्रतिभागियों को बताया गया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय पांच नए कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रम शुरू करेगा, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार किया जा सके.
रोजगार और आत्मनिर्भरता पर रहेगा फोकस
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अभय कुमार सिंह ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा सके.
कार्यक्रम के समापन पर रजिस्ट्रार डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह और डॉ. राजेश खंबायत ने कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों और समन्वयकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए. इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. दिलीप साहू, खेमलाल, शाहिद सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे.