Ramgarh News: रामगढ़ के बारलौंग के पास गुरुवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने आठ परिवारों की खुशियां एक पल में छीन लीं. सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोग बैंड-ताशा दल से जुड़े कलाकार थे, जो मुहर्रम के कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए बिहार के मुजफ्फरपुर जा रहे थे. रास्ते में कोयला लदे ट्रक की टक्कर ने उनकी यात्रा को मौत के सफर में बदल दिया.
शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस से लेकर मृतकों के गांव तक हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल था. परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग अपने परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा थे.
शादी के एक महीने बाद ही उजड़ गया सुहाग
मृतकों में शामिल हेमंत कुमार महतो की शादी महज एक महीने पहले हुई थी. घर से निकलते समय उन्होंने परिजनों से वादा किया था कि कार्यक्रम खत्म कर शनिवार तक लौट आएंगे, लेकिन किसे पता था कि उनकी वापसी कभी नहीं होगी. हादसे की खबर मिलते ही उनकी पत्नी और मां की तबीयत बिगड़ गई.
तीन महीने के बेटे के सिर से उठ गया पिता का साया
अनोद कुमार के परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. तीन महीने पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था. चार साल की बेटी और तीन महीने के मासूम बेटे की जिम्मेदारी अब उनकी पत्नी के कंधों पर आ गई है. बैंड-ताशा बजाकर ही अनोद अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे. उनकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
दो साल पहले बसी थी गृहस्थी, एक युवक की नहीं हुई थी शादी
हादसे में जान गंवाने वाले पवन करमाली की शादी दो वर्ष पहले हुई थी. उनकी अभी कोई संतान नहीं थी. वहीं, डेविड करमाली अविवाहित थे और साथियों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन वे भी इस हादसे का शिकार हो गए.
रामगढ़ और हजारीबाग के आठ परिवारों में पसरा मातम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों में छह लोग रामगढ़ जिले और दो लोग हजारीबाग जिले के निवासी थे. सभी कलाकार मुहर्रम के आयोजन में प्रस्तुति देने के लिए बिहार जा रहे थे, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही उनकी जिंदगी की डोर टूट गई.
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है. जिन घरों से कलाकार खुशी-खुशी कार्यक्रम के लिए निकले थे, वहां अब सिर्फ मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है.