Adityapur: जमशेदपुर डेयरी (दूध कंपनी) में पिछले करीब 30 वर्षों से कार्यरत 59 वर्षीय कर्मचारी रविन्द्र नाथ ठाकुर की रांची स्थित रिम्स में इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामले को लेकर मृतक की पत्नी तारा देवी ने आदित्यपुर थाना में लिखित शिकायत देकर कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने कुछ सहकर्मियों पर भी संदेह जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 17 जून की सुबह रविन्द्र नाथ ठाकुर रोज की तरह ड्यूटी पर गए थे। दोपहर के समय उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने समुचित इलाज की व्यवस्था करने के बजाय शाम करीब 4:30 बजे दो कर्मचारियों के सहारे उन्हें घर भेज दिया। इसके बाद परिजनों ने उन्हें पहले ईएसआई अस्पताल, आदित्यपुर और फिर टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH), जमशेदपुर में भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने जताया जहर का प्रभाव, रिम्स किया गया था रेफर
परिजनों का आरोप है कि 19 जून को टीएमएच के चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि रविन्द्र नाथ ठाकुर के शरीर में जहर का प्रभाव पाया गया है। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 21 जून को उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी तारा देवी का आरोप है कि घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने दावा किया कि मृत्यु से पहले रविन्द्र नाथ ठाकुर ने कंपनी के कुछ कर्मचारियों का नाम लिया था। इस संबंध में उनके पास एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित है। पीड़िता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, उचित मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
मामले को लेकर आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।