Potka: पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक इस बीमारी से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जागरूकता अभियान चला रही हैं। पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगातार तीसरे दिन जांच के दौरान कुल 14 मरीजों में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई है। इनमें से सात मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल और सदर अस्पताल जमशेदपुर रेफर किया गया है। अधिकतर मरीज कम उम्र के बच्चे और स्कूली छात्र बताए जा रहे हैं।
तीन बच्चों की मौत से क्षेत्र में दहशत
सीएचसी प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ के अनुसार, अब तक तीन बच्चों की मौत इस बीमारी से हो चुकी है। मृतकों में कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा लखी सरदार, दौड़डोडिया गांव के छात्र राहुल सरदार और कोंडोर गांव की सुबोला सरदार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। शनिवार को जिला मलेरिया पदाधिकारी मृत्युंजय धावड़िया, बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, सीओ निकिता बाला समेत कई अधिकारियों की टीम ने सीएचसी पोटका और प्रभावित गांवों का दौरा किया। टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं।
ब्रेन मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की सूची
कालीपदो हांसदा (13 वर्ष) – सबरनगर
अजित भूमिज (1.05 वर्ष) – सेरेंगडीह
कार्तिक सिंह (13 वर्ष) – चांदपुर
प्रिया सरदार (3 वर्ष) – मोहनाडीह
कापरा टुडू (10 माह) – पोड़ा तेतला
सम्प्रिय सिंह (40 वर्ष) – चांदपुर
दिलीप भूमिज (6 माह) – पोटका
सुकरमनी भूमिज (15 वर्ष) – धाड़कीदिह
मिकी सबर (15 वर्ष) – पीटीडीरी
एम सबर (3 वर्ष) – पीटीडीरी
प्रियंका महाकुड़ (15 वर्ष) – कस्तूरबा
लक्ष्मी टुडू (12 वर्ष) – कस्तूरबा
निशा सरदार (12 वर्ष) – कस्तूरबा
स्थिति पर प्रशासन की नजर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, सिर दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और रोकथाम के सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।