Jharkhand News: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर पावर शेयरिंग को लेकर हलचल तेज हो गई है. आने वाले राजनीतिक समीकरणों और गठबंधन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने राज्य में समन्वय समिति (कोऑर्डिनेशन कमेटी) के गठन की मांग तेज कर दी है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से औपचारिक आग्रह किया है.
समन्वय समिति के गठन पर मुख्यमंत्री के फैसले का इंतजार
केशव महतो कमलेश ने कहा कि गठबंधन सरकार को मजबूत और एकजुट बनाए रखने के लिए समन्वय समिति का गठन अब आवश्यक हो गया है. उन्होंने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री को लेना है और कांग्रेस जल्द ही इस मुद्दे पर उनसे विस्तृत बातचीत करेगी.
बोर्ड, निगम और आयोगों की रिक्तियों पर भी कांग्रेस की नजर
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस की प्राथमिकता केवल समन्वय समिति तक सीमित नहीं है. पार्टी की नजर लंबे समय से खाली पड़े बोर्ड, निगमों और आयोगों के शीर्ष पदों पर भी है. सत्ता में भागीदारी की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच इन नियुक्तियों को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है.
कई महत्वपूर्ण संस्थानों में अध्यक्ष पद खाली
राज्य के कई प्रमुख संस्थान फिलहाल स्थायी नेतृत्व का इंतजार कर रहे हैं. झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, जबकि 21 जून से गो सेवा आयोग भी अध्यक्ष विहीन है.
आने वाले महीनों में और बढ़ेंगी रिक्तियां
अगस्त में युवा आयोग का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, जबकि अक्टूबर में अल्पसंख्यक आयोग का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा. इसके अलावा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) में उपाध्यक्ष का पद पिछले लगभग एक वर्ष से खाली पड़ा हुआ है.