Jamtara News: जामताड़ा जिले में बिना पंजीकरण संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पॉलीक्लिनिक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्र ने स्पष्ट किया है कि जिले में फिलहाल केवल 21 निजी क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट ही स्वास्थ्य विभाग से विधिवत पंजीकृत हैं. इनके अलावा यदि कोई स्वास्थ्य संस्थान मरीजों का इलाज करता पाया गया तो उसे अवैध मानते हुए क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी.
सिविल सर्जन ने कहा कि बिना वैध पंजीकरण संचालित अस्पतालों और नर्सिंग होम पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि इलाज कराने से पहले संबंधित अस्पताल या नर्सिंग होम का पंजीकरण जरूर जांच लें. उनके अनुसार, गैर-पंजीकृत संस्थानों में इलाज कराना मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है.
जिले के 21 पंजीकृत निजी अस्पताल और नर्सिंग होम
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जामताड़ा जिले में जिन निजी संस्थानों को मान्यता प्राप्त है, उनमें पारस अस्पताल (जामताड़ा), मेडिशा हॉस्पिटल, परमानंद हॉस्पिटल एलएलपी, बायो केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल (नारायणपुर), वात्सल्य हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल, पॉपुलर नर्सिंग होम, शालिग्राम हॉस्पिटल, एसएस हेल्थ यूनिट, गीतांजलि नर्सिंग होम, मुस्कान हॉस्पिटल, संत साही आशा नर्सिंग होम, एसएस हॉस्पिटल, जामताड़ा मेमोरियल हॉस्पिटल, जय मां चंचला हॉस्पिटल (नारायणपुर), सबीना हॉस्पिटल, इंडियन ब्लू हॉस्पिटल (नारायणपुर), एमएस नर्सिंग होम (नारायणपुर), अनुपम सेवा सदन, सुशीला हॉस्पिटल और मेसो ग्रामीण हॉस्पिटल (नाला) शामिल हैं.
संदिग्ध अस्पतालों की सूचना देने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत अस्पतालों और नर्सिंग होम में ही इलाज कराएं. यदि कहीं बिना पंजीकरण कोई अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम या पॉलीक्लिनिक संचालित होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें. विभाग का कहना है कि ऐसे संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.