Jamshedpur News: जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में पहली बार दो हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति की गई है. डॉ. नेहा जायसवाल और डॉ. सोनू कुमार को अस्पताल के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. लंबे समय से अव्यवस्था और संसाधनों के बावजूद बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में रहे एमजीएम अस्पताल में इन नियुक्तियों के बाद अब मरीजों और उनके परिजनों की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
लगातार अस्पताल में इलाज, दवा, जांच और बुनियादी व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्या आती है सामने
करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बने नए अस्पताल भवन में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन इन सुविधाओं का पूरा लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है. अस्पताल में इलाज, दवा, जांच और बुनियादी व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं. ऐसे में नए हॉस्पिटल मैनेजरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन व्यवस्थागत कमियों को दूर कर अस्पताल को बेहतर तरीके से संचालित करना होगी.
मूलभूत सुविधाओं दुरुस्त करना जरुरी
अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना, शाम के समय वार्डों में नियमित चिकित्सकीय राउंड कराना, दवाओं की उपलब्धता बनाए रखना, पेयजल और एयर कंडीशनिंग जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना तथा साफ-सफाई की व्यवस्था सुधारना प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल होगा. इसके अलावा कई जरूरी पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच की सुविधा अब भी उपलब्ध नहीं है, जबकि करोड़ों रुपये की कई अत्याधुनिक मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी हैं. इन समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी भी नए प्रबंधन पर रहेगी.
समन्वय स्थापित करना, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना जरुरी
हॉस्पिटल मैनेजर की भूमिका केवल प्रशासनिक निगरानी तक सीमित नहीं होती. उन्हें अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना, डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की निगरानी करना, वार्ड प्रबंधन, दवा आपूर्ति, चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना होता है. उनका उद्देश्य मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.
कोल्हान का सबसे बड़ा अस्पताल, जहां बड़ी संख्या में रोज इलाज के लिए आते है लोग
कोल्हान प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के रूप में एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां समेत आसपास के कई जिलों के मरीज निर्भर रहते हैं. प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में दो हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति को अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब यह देखना अहम होगा कि यह बदलाव केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित रहता है या मरीजों को वास्तव में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिल पाता है.