Jamshedpur: 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के विरोध में भाजपा जमशेदपुर महानगर की ओर से शनिवार को ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाया गया। बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन के मानस सभागार में आयोजित संगोष्ठी में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया गया और लोकतंत्र सेनानियों को नमन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने की। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा सांसद विद्युत वरण महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष आभा महतो, प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, पूर्व विधायक मेनका सरदार, जिला प्रभारी बबन गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव नारायण शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता और लोकतंत्र सेनानी मौजूद रहे।
लोकतंत्र सेनानियों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान आपातकाल के समय जेल में यातनाएं झेलने वाले लोकतंत्र सेनानियों ब्रह्मदेव नारायण शर्मा, दिनेश मंडल, ललन सिंह और दयाशंकर पांडेय को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत लोकनायक जयप्रकाश नारायण के चित्र पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इससे पहले आपातकाल पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया। जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि युवाओं को आपातकाल के इतिहास की जानकारी होना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
डॉ. प्रदीप वर्मा का बयान
मुख्य वक्ता डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 की मध्यरात्रि को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे कलंकित अध्याय था। उन्होंने कहा कि उस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकार समाप्त कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई और बड़ी संख्या में नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया। सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का गला घोंटा गया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के बड़े नेता जेल में बंद कर दिए गए थे और आज वही लोग लोकतंत्र की बात करते हैं। प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने कहा कि आपातकाल का दौर जनता के दमन का प्रतीक था। अन्य नेताओं ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए और लोकतंत्र की रक्षा को आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष सह कार्यक्रम संयोजक बबुआ सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक पप्पू सिंह ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व जिलाध्यक्ष, पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।