Giridih News: गिरिडीह के डुमरी थाना क्षेत्र में उस समय फिल्मी ड्रामा देखने को मिला, जब एक सफेद इनोवा कार में एक युवक को ले जा रहे लोगों को ग्रामीणों ने अपहरणकर्ता समझ लिया। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए न सिर्फ बाइक से उस गाड़ी का पीछा किया, बल्कि तुरंत स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आई और तोपचांची के पास घेराबंदी कर हथियार के बल पर गाड़ी को रुकवाया। हालांकि, जब गाड़ी में सवार लोगों से पूछताछ की गई, तो पूरा मामला किडनैपिंग का नहीं बल्कि नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा निकला।
किडनैपिंग नहीं, नारकोटिक्स टीम की थी कार्रवाई
जांच में यह बात सामने आई कि गाड़ी में सवार लोग कोई अपहरणकर्ता नहीं, बल्कि तेलंगाना नारकोटिक्स विंग की टीम के सदस्य थे। यह टीम डुमरी थाना क्षेत्र के तांबागुडियो निवासी सत्यम मिश्रा को गांजा तस्करी के आरोप में हिरासत में लेकर जा रही थी। जैसे ही नारकोटिक्स टीम युवक को गाड़ी में बैठाकर निमियाघाट की तरफ बढ़ी, स्थानीय लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने पीछा करना शुरू कर दिया। इसी वजह से रास्ते में निमियाघाट पुलिस के रोकने पर भी टीम की गाड़ी नहीं रुकी, जिसके बाद तोपचांची में पुलिस को फिल्मी अंदाज में मोर्चा संभालना पड़ा।
सहयोगी की गिरफ्तारी से खुला राज
गिरफ्तार युवक सत्यम मिश्रा पर बेहद अनोखे तरीके से गांजा तस्करी करने का संगीन आरोप है। पुलिस और नारकोटिक्स विंग के अनुसार, वह डुमरी और उसके आस-पास के इलाकों से भारतीय डाक की “स्पीड पोस्ट” is सेवा का इस्तेमाल करके तेलंगाना, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े राज्यों व शहरों में गांजे की खेप भेजता था। इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ जब नारकोटिक्स टीम ने पहले इस गिरोह से जुड़े एक अन्य आरोपी को दबोचा और उसकी निशानदेही पर सीधे सत्यम मिश्रा तक पहुंच गई।
एसडीपीओ ने की पुष्टि, आरोपी जांच एजेंसी के हवाले
इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद निमियाघाट पुलिस ने स्थिति को संभाला और कागजी कार्रवाई व पुष्टि के बाद युवक को संबंधित एजेंसी के सुपुर्द कर दिया। मामले की पुष्टि करते हुए डुमरी के एसडीपीओ आबिद खान ने बताया कि तेलंगाना नारकोटिक्स विंग ने सत्यम मिश्रा को गांजा तस्करी के पुख्ता आरोपों में गिरफ्तार किया है। फिलहाल संबंधित जांच एजेंसी कानून के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई को पूरा करने में जुटी है।