Jharkhand: ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीति तय करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार 28 और 29 जून को नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन आयोजित कर रही है। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता और विषय विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित ग्राम–विकसित भारत’ विजन को प्रभावी ढंग से लागू करने, ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने और केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही विभिन्न राज्यों के अनुभवों और सफल मॉडलों को भी साझा किया जाएगा।
झारखंड से मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड का प्रतिनिधित्व ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह करेंगी। उनके साथ ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख तथा झारखंड राज्य ग्रामीण विकास अभिकरण (जेएसआरडीए) के मुख्य अभियंता मनोहर लाल समेत विभाग के अन्य अधिकारी भी भाग लेंगे। बैठक में झारखंड में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत नई स्वीकृतियों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-4 के अंतर्गत प्रस्तावित सड़कों की स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। राज्य सरकार इन परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने के लिए अपना पक्ष मजबूती से रखेगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
भविष्य की कार्ययोजना पर भी बनेगी रणनीति
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। उम्मीद है कि इस बैठक से राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का रास्ता और मजबूत होगा।