Mumbai News: मुंबई में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक भयानक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कथित तौर पर “विटामिन” और “नेक काम” के बहाने लोगों को जहरीले कैप्सूल बांटने की तैयारी में था। समय रहते हुई इस कार्रवाई से हजारों मासूम लोगों की जान बचाई जा सकी है।
चूहा मारने वाले केमिकल से बनाए 15 हजार कैप्सूल
जांच एजेंसियों ने जब आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में “जिंक फॉस्फाइड” (चूहा मारने के काम आने वाला अत्यंत खतरनाक जहर) और लगभग 15,000 तैयार जहरीले कैप्सूल बरामद किए हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब जुलूस के दौरान कुछ लोगों को यह कैप्सूल दिए गए और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
डोंगरी में कमरा लेकर ऑनलाइन मंगाया था सामान
मुख्य आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी मूल रूप से पुणे के विमान नगर का रहने वाला है। वह बीबीए (BBA) ग्रेजुएट है और पेंट का बिजनेस करता है। पुलिस जांच में पता चला है कि उसने घटना से कुछ दिन पहले ही मुंबई के डोंगरी इलाके में एक कमरा किराए पर लिया था। उसने ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए खाली कैप्सूल और भारी मात्रा में जिंक फॉस्फाइड मंगवाया और वहीं बैठकर यह जहरीली साजिश रची।
ईरान और इराक दौरों पर एजेंसियों की नजर
आरोपी फैयाज तलाकशुदा है और उसके परिवार के कुछ सदस्य विदेशों में रहते हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों के हाथ कुछ ऐसे सुराग लगे हैं जो बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहे हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2019 से 2025 के बीच आरोपी ने कई बार ईरान और इराक की यात्राएं की थीं। अब एजेंसियां उसके मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक खातों और इन विदेशी दौरों की गहराई से जांच कर रही हैं।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए कैप्सूल
मुंबई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और जहर देने जैसी बेहद गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) और केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। बरामद किए गए कैप्सूलों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि जहर की तीव्रता का सटीक पता लगाया जा सके और इस पूरी साजिश के पीछे छिपे असली मकसद का खुलासा हो सके।