Jharkhand News : झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत 30 जून से एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। वर्तमान मतदाता सूची में शामिल सभी मतदाताओं के लिए यह फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैप हो चुका है, उन्हें भी यह फॉर्म भरना होगा। निर्धारित अवधि में फॉर्म जमा नहीं करने पर संबंधित मतदाता का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाया जा सकता है।
24 जुलाई तक चलेगा अभियान, BLO घर-घर जाकर भरवाएंगे फॉर्म
निर्वाचन आयोग ने सभी बीएलओ (BLO) को उनके बूथ पर मतदाताओं की संख्या के अनुसार एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा दिए हैं। प्रत्येक फॉर्म पर संबंधित मतदाता का नाम और ईपीआईसी (EPIC) नंबर पहले से अंकित रहेगा, जबकि शेष जानकारी मतदाता को स्वयं भरनी होगी। बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे और आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे। यह प्रक्रिया 24 जुलाई तक चलेगी। इसके बाद 5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। यदि किसी मतदाता को सूची में कोई त्रुटि मिलती है तो वह 4 सितंबर तक आपत्ति दर्ज करा सकेगा।
जन्म वर्ष के अनुसार अलग-अलग दस्तावेज होंगे जरूरी
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की जन्म तिथि के आधार पर अलग-अलग दस्तावेज निर्धारित किए हैं।
• 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म और वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम होने पर 2003 की वोटर लिस्ट की प्रति देनी होगी।
• 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म, लेकिन 2003 की सूची में नाम नहीं होने पर आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कोई एक देना होगा।
• 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म होने पर अपना एक दस्तावेज और माता या पिता का एक दस्तावेज देना होगा।
• 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म वाले मतदाताओं को अपना, माता और पिता – तीनों के एक-एक दस्तावेज जमा करने होंगे।
निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य दस्तावेजों में जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की प्रति, वन अधिकार प्रमाण पत्र, एनआरसी प्रमाण पत्र (जहां लागू हो), 10वीं या अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र, सरकार द्वारा आवंटित भूमि या मकान से संबंधित दस्तावेज, 1 जुलाई 1987 से पहले का सरकारी पहचान पत्र तथा पेंशन भुगतान आदेश (PPO) शामिल हैं।