Current News : अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि चोरी के मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि चोरी की घटना की जानकारी सार्वजनिक करने में देरी हुई, जो उनकी गलती थी।
चोरी की सूचना देने में हुई देरी स्वीकार
चंपत राय ने कहा कि घटना की जानकारी समय पर सार्वजनिक नहीं हो सकी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी वह स्वयं लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले को छिपाने की कोई मंशा नहीं थी, बल्कि सूचना साझा करने में हुई देरी उनकी व्यक्तिगत चूक थी।
उन्होंने कहा कि चोरी की घटना सामने आने के बाद ट्रस्ट ने तत्काल आंतरिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी थी और संबंधित एजेंसियों को भी इसकी जानकारी दी गई थी।
ट्रस्ट ने जांच में सहयोग का दिया भरोसा
चंपत राय ने कहा कि दान राशि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी होती है और उसकी सुरक्षा ट्रस्ट की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।