Railway News: रांची रेल मंडल ने सिल्ली-इलू बाईपास रेल लाइन के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस रेल लाइन के निर्माण कार्य को जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस रेल लाइन के बनने से टाटा और हावड़ा के बीच आने-जाने में 45 मिनट से दो घंटे तक समय की बचत होगी। साथ ही रेलवे का फ्यूल भी बचेगा।
रांची रेल मंडल के प्रबंधक जसमीत सिंह बिंद्रा ने इस योजना के क्रियान्वयन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लगभग 5.9 किमी लंबे सिल्ली-इलू नयी बाईपास रेल लाइन के निर्माण पर करीब 140 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो गया है।
सिल्ली-इलू बाईपास लाइन की मांग साल 2015 से ही हो रही है। इसके बनने से आसपास के इलाकों का विकास होगा। वहीं, टाटा-रांची की ट्रेनें मुरी जंक्शन के बजाय सिल्ली-इलू होकर अप-डाउन करेंगी। फिलहाल, मुरी स्टेशन पर पैसेजर ट्रेनों के अलावा मालगाड़ियों का भी दबाव है।
रांची से टाटा जानेवाली ट्रेनों को मुरी स्टेशन पर इंजन बदलने में करीब 30 मिनट लगते हैं। इस बाइपास लाइन के बनने से इंजन नहीं बदलना पड़ेगा। जिससे रांची से टाटा का सफर केवल 3:30 घंटे में पूरा हो पायेगा। अभी रांची-टाटा एक्सप्रेस मुरी, कोटशिला, पुरुलिया होकर 5:30 घंटे में टाटानगर पहुंचती है।
सिल्ली-इलू बाईपास रेल लाइन के निर्माण से रांची और टाटानगर के बीच की दूरी कम होगी और यात्रियों को सुविधा होगी। इससे आसपास के इलाकों का विकास भी होगा और रेलवे का फ्यूल भी बचेगा।