Jamshedpur News: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी (डबल डाउन) बार के बाहर हुए हत्याकांड के बाद राज्य सरकार भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है. मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मृतक हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह से फोन पर बातचीत कर घटना पर संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया.
प्रत्युष सिंह के इलाज में भी सरकार करेगी सहयोग
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि इस हमले में गंभीर रूप से घायल प्रत्युष सिंह, जिनका इलाज फिलहाल कोलकाता के अस्पताल में चल रहा है, उनके इलाज में भी राज्य सरकार आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार है.
गौरतलब है कि 27 जून की रात डीडी बार के बाहर हुए हमले में हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे. इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई, जबकि प्रत्युष सिंह अब भी अस्पताल में भर्ती हैं.
SSP कार्यालय पहुंचे ADG, कानून-व्यवस्था पर हाई लेवल बैठक
इधर, शहर में बिगड़े हालात और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए मंगलवार को एडीजी मनोज कौशिक (ADG) जमशेदपुर पहुंचे. उन्होंने एसएसपी कार्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की.
बैठक में एसएसपी पियूष पाण्डेय, सिटी एसपी ललित मीना, एएसपी समेत जिले के सभी थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया. सूत्रों के अनुसार, बैठक में 27 जून की घटना, हिमांशु सिंह की मौत के बाद सोमवार को बिष्टुपुर में हुए विरोध प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई.
अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
बैठक में शहर में बढ़ते अपराध, पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराध नियंत्रण को लेकर भी गंभीर मंथन हुआ. बताया जा रहा है कि पुलिस अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नई रणनीति तैयार कर रही है. आने वाले दिनों में अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा सकता है और कई बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है.
हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद पुलिस महकमे में भी लगातार कार्रवाई जारी है. अब तक कई पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं, बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को हटाया जा चुका है और डीडी बार को भी प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि पूरे मामले में आगे भी कई अहम प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं.