Jharkhand High Court: धनबाद रिंग रोड भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अधिनियम से संबंधित है, इसलिए इसकी सुनवाई एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) कोर्ट के बजाय एससी/एसटी कोर्ट में होनी चाहिए.
एसीबी कोर्ट का आदेश रद्द
न्यायमूर्ति राजेश कुमार की अदालत ने एसीबी कोर्ट द्वारा 18 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को निरस्त कर दिया. हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अब आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई संबंधित एससी/एसटी विशेष अदालत में की जाएगी.
क्या है पूरा मामला
यह मामला धनबाद रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान कथित मुआवजा घोटाले से जुड़ा है. आरोप है कि वास्तविक रैयतों की जगह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अन्य लोगों को करोड़ों रुपये का मुआवजा भुगतान कर दिया गया.
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित घोटाले में भू-माफियाओं, तत्कालीन अंचल अधिकारियों और कुछ सरकारी कर्मियों की मिलीभगत सामने आई है. मामले की जांच फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), धनबाद द्वारा की जा रही है.
हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब इस मामले में आरोपियों की जमानत पर फैसला एससी/एसटी कोर्ट में सुनवाई के बाद होगा.