Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम के झींकपानी स्थित ACC सीमेंट प्लांट में अचानक ताला लगने के बाद हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कंपनी प्रबंधन के फैसले के विरोध में बुधवार को मजदूरों, स्थानीय ग्रामीणों और कंपनी कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्लांट को दोबारा शुरू करने और रोजगार बचाने की मांग को लेकर हजारों लोगों ने झींकपानी राजका माइंस से चाईबासा उपायुक्त कार्यालय तक करीब 17 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली।
महिलाओं की भी दिखी भागीदारी
इस जन-आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई। प्रदर्शनकारियों ने “इंकलाब जिंदाबाद”, “मजदूर एकता जिंदाबाद” और “अडानी कंपनी होश में आओ” जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पूरे रास्ते में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
बिना सूचना प्लांट बंद करने का आरोप
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण रमेश बालमुचू ने कहा कि कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक प्लांट बंद कर दिया, जिससे करीब 3000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मजदूरों की आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि कई दशकों से यह प्लांट क्षेत्र के हजारों परिवारों के लिए रोजगार का मुख्य साधन रहा है, लेकिन अब लोगों के सामने बच्चों की पढ़ाई और घर चलाने की चिंता खड़ी हो गई है।
DC कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारी, मुख्यमंत्री से प्लांट शुरू कराने की मांग
पदयात्रा के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही। ग्रामीणों ने राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर बंद पड़े प्लांट को फिर से शुरू कराने की मांग की है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।