Indian Sailor Death: उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी 33 वर्षीय मर्चेंट नेवी कर्मी राकेश चौहान की मौत अब रहस्यमयी बन गई है. भारत लाए गए उनके शव के दोबारा पोस्टमार्टम में मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े, लीवर और गुर्दे समेत कई प्रमुख आंतरिक अंग नहीं मिले. डॉक्टर मौत की वजह तय नहीं कर सके, जिसके बाद परिजनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. वहीं फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया ने भी भारतीय दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाए सवाल
जिलाधिकारी के निर्देश पर कराए गए दूसरे पोस्टमार्टम में चिकित्सकों ने पाया कि शव से कई महत्वपूर्ण आंतरिक अंग पहले से ही अनुपस्थित थे. रिपोर्ट के अनुसार मस्तिष्क, हृदय, दोनों फेफड़े, लीवर, दोनों गुर्दे, प्लीहा, अग्न्याशय, पेट और आंतें नहीं थीं. इसके अलावा थायरॉयड, हायॉयड, लैरिंक्स और ट्रेकिया भी मौजूद नहीं मिले. डॉक्टरों ने यह भी दर्ज किया कि गर्दन से जघनास्थि तक करीब 60 सेंटीमीटर लंबे चीरे पर 22 टांके और सिर के पीछे एक कान से दूसरे कान तक करीब 20 सेंटीमीटर लंबे चीरे पर 21 टांके लगाए गए थे. प्रमुख अंगों के अभाव में मौत का वास्तविक कारण निर्धारित नहीं किया जा सका.
इलाज की सूचना के बाद मिली मौत की खबर
राकेश चौहान देवरिया जिले के लंगड़ा बाजार टोला के रहने वाले थे. वह नवंबर 2025 में एक्सफिनिटी कंपनी के माध्यम से मर्चेंट नेवी के एक जहाज पर चालक दल के सदस्य के रूप में वेनेजुएला गए थे. परिजनों के मुताबिक मई 2026 में कंपनी ने फोन कर बताया कि जहाज पर गिरने से वह घायल हो गए हैं और उनका इलाज चल रहा है. अगले ही दिन उनकी हालत गंभीर होने की जानकारी दी गई और उसी शाम उनकी मौत की सूचना परिवार को दे दी गई. कंपनी ने एक सप्ताह के भीतर पार्थिव शरीर भारत भेजने का भरोसा दिया था, लेकिन शव करीब एक महीने बाद चार जून को देवरिया पहुंचा. प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच में पोस्टमार्टम होने के संकेत मिलने पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया.
परिजनों और संगठन ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
राकेश चौहान के पिता रामदेव चौहान ने आरोप लगाया है कि परिवार को पूरी घटना की जानकारी नहीं दी गई और वेनेजुएला में किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सहित जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए. उन्होंने संबंधित कंपनी की भूमिका की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया का भी कहना है कि आवश्यक दस्तावेजों के बिना शव भारत भेजा गया. संगठन ने भारतीय दूतावास से वेनेजुएला के अधिकारियों से जवाबदेही तय कराने, पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराने, मौत की परिस्थितियों की विस्तृत जांच कराने और पीड़ित परिवार को न्याय तथा उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है. समाचार लिखे जाने तक संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.