Jammu News: दक्षिण-पश्चिम मानसून की जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पहली ही दस्तक भारी तबाही लेकर आई। बुधवार को डोडा, किश्तवाड़, बांदीपोरा, अनंतनाग, कारगिल समेत छह जगह बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, गांवों का संपर्क टूट गया और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है, जबकि फिलहाल किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है।
डोडा-किश्तवाड़ सबसे ज्यादा प्रभावित, सड़कें टूटीं, यात्राएं रुकीं
सबसे ज्यादा असर डोडा और किश्तवाड़ में देखने को मिला। डोडा के भलेसा क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से ग्रामीण रास्ते बह गए, जबकि किश्तवाड़ के सरथल, गहन और मछीपाल इलाकों में मलबा सड़कों पर फैल गया। हालात को देखते हुए मचैल और मिंधल यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई, वहीं कटड़ा-सांझीछत हेलीकॉप्टर सेवा भी मौसम के कारण प्रभावित रही।
बांदीपोरा, अनंतनाग और कारगिल में बाढ़-भूस्खलन, सड़कें बंद और जनजीवन प्रभावित
बांदीपोरा के गुरेज क्षेत्र में जादीगंगा नाले के पास बादल फटने से सड़क को भारी नुकसान पहुंचा और किशनगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। वहीं अनंतनाग के गुरिद्रमन गांव में बाढ़ का पानी आबादी तक पहुंच गया, जहां स्कूल में फंसे बच्चों को स्थानीय लोगों और प्रशासन ने सुरक्षित बाहर निकाला।
कारगिल में शाफत नाले की बाढ़ से जंस्कार-कारगिल मार्ग पर मलबा जमा हो गया, जिससे यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। कठुआ के बनी-बसोहली मार्ग पर भी भूस्खलन के कारण आवाजाही प्रभावित हुई। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं भी कुछ समय के लिए बाधित रहीं।
अगले कुछ दिन भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम संबंधी अलर्ट का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और राहत दल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।