DD Bar Jamshedpur Case: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर 27 जून को हुई हिंसक घटना में गंभीर रूप से घायल प्रत्यूष आनंद के पिता चंदन सिंह ने भाजपा नेताओं की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर कहा कि पार्टी को वर्षों तक अपना परिवार मानकर सेवा की, लेकिन बेटे के गंभीर रूप से घायल होने के बाद किसी बड़े नेता या पदाधिकारी ने परिवार की सुध नहीं ली.
चंदन सिंह ने लिखा कि भाजपा झारखंड की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने संगठन को परिवार की तरह माना और तन, मन व धन से पार्टी के लिए काम किया. चुनाव, संगठनात्मक कार्यक्रम और जनहित से जुड़े अभियानों में वे लगातार सक्रिय रहे. उनका कहना है कि आज जब उनका परिवार सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है, तब संगठन के लोगों की खामोशी उन्हें भीतर तक आहत कर रही है.
पोस्ट में चंदन सिंह ने लिखा है कि उनका बेटा प्रत्यूष आनंद डीडी पब में हुई घटना के दौरान और उसके बाद बाहर भी हमलावरों के निशाने पर रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि पीसीआर वैन के भीतर और बाहर भी पुलिस की मौजूदगी के बावजूद प्रत्यूष पर हमला हुआ.
उन्होंने बताया कि प्रत्यूष गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में इलाजरत है. परिवार बेहतर इलाज के लिए भी प्रयास कर रहा है. पिता ने कहा कि इस समय परिवार बेटे की जिंदगी बचाने की लड़ाई लड़ रहा है.
"एक फोन या सांत्वना के शब्द भी नहीं मिले"
चंदन सिंह ने पोस्ट में लिखा कि उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी कम-से-कम एक फोन कॉल, संदेश या सांत्वना के शब्दों के जरिए परिवार का हाल जानेंगे. लेकिन उनके अनुसार, अब तक किसी बड़े नेता ने संपर्क करना जरूरी नहीं समझा.
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वर्षों की निष्ठा और समर्पण का यही परिणाम है. उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में ही अपनों की असली पहचान होती है और इस अनुभव ने उन्हें गहरी पीड़ा दी है.
नीरज सिंह के नाम पर बयान के बाद बढ़ी चर्चा
यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है, जब डीडी बार मामले में भाजपा नेता और बार संचालक नीरज सिंह का नाम चर्चा में है. नीरज सिंह इस मामले में नामजद आरोपी हैं और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है. पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी भी कर चुकी है.
गौरतलब है कि हाल ही में भाजपा की प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने डीडी बार कांड से नीरज सिंह का नाम हटाने से संबंधित बयान दिया था. इसके बाद प्रत्यूष के पिता की पोस्ट ने पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और प्रभावशाली लोगों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
डीडी बार के बाहर हुई थी हिंसक वारदात
27 जून की रात बिष्टुपुर के डीडी बार के बाहर हुए विवाद के बाद करणी सेना नेता हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्यूष आनंद पर पुलिस के सामने हमला हुआ था. हमले में हिमांशु सिंह की मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष गंभीर रूप से घायल हैं.
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मुख्य आरोपी विश्वजीत मंडल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है. पुलिस ने जांच में चाकू और कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियारों के इस्तेमाल की बात भी कही है.
चंदन सिंह की पोस्ट के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या भाजपा संगठन अपने पुराने कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों के संकट में पर्याप्त संवेदनशीलता दिखा रहा है. हालांकि इस मुद्दे पर भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.