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  • 2026-07-04

Jharkhand SIR 2026: झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 में पारदर्शिता पर जोर, फर्जी घोषणा या गलत जानकारी देने पर होगी कानूनी कार्रवाई

Jharkhand SIR 2026: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 को लेकर निर्वाचन आयोग ने अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) का तीसरा संस्करण जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भारतीय नागरिक नहीं होने के बावजूद मतदाता बनने के उद्देश्य से गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) भरता है, झूठी या भ्रामक जानकारी देता है या गलत घोषणा के साथ प्रपत्र जमा करता है, तो उसके खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


नई फोटो अनिवार्य नहीं, रिकॉर्ड अपडेट के लिए अपील

आयोग ने बताया कि वर्ष 2026 की मतदाता सूची में पहले से शामिल मतदाताओं के लिए हाल की रंगीन फोटो देना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, मतदाता सूची के रिकॉर्ड को अद्यतन करने और नया फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र जारी करने के लिए मतदाताओं से हाल की रंगीन फोटो उपलब्ध कराने या बीएलओ के मोबाइल ऐप के माध्यम से लाइव फोटो देने का अनुरोध किया गया है। यदि कोई मतदाता नौकरी, पढ़ाई, बीमारी या अन्य कारणों से घर पर मौजूद नहीं है, तो परिवार का सदस्य हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र के साथ उसकी पासपोर्ट आकार की हालिया रंगीन फोटो जमा कर सकता है।


फॉर्म में गलती होने पर नहीं होगा सीधे खारिज

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि गणना प्रपत्र भरते समय किसी कॉलम के छूट जाने या त्रुटि होने पर केवल इसी आधार पर आवेदन खारिज नहीं किया जाएगा। मतदाता स्तर अधिकारी (बीएलओ) आवश्यक जानकारी लेकर प्रपत्र को डिजिटाइज करेगा और जरूरत पड़ने पर उसे सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी तथा निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के पास भेजा जाएगा। यदि किसी जानकारी पर संदेह होगा तो संबंधित मतदाता को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा तथा उसका पक्ष सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


प्रपत्र खराब होने पर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प

एफएक्यू में बताया गया है कि यदि गणना प्रपत्र की दोनों प्रतियां खराब हो जाती हैं, तो मतदाता ईसीआईनेट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन गणना प्रपत्र भर सकते हैं। यदि ऑनलाइन सुविधा का उपयोग संभव नहीं हो, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी से प्रपत्र की नई प्रति प्राप्त कर ऑफलाइन प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है।

सत्य जानकारी देने की अपील, फर्जी दावे पर होगी कार्रवाई

निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे गणना प्रपत्र पूरी सावधानी से भरें और सभी आवश्यक कॉलम में सही एवं सत्य जानकारी ही दर्ज करें। आयोग ने दोहराया कि भारतीय नागरिक नहीं होने के बावजूद मतदाता बनने का प्रयास करना, गलत जानकारी देना या झूठी घोषणा के साथ प्रपत्र जमा करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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