Himanshu Murder Case : करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता आदित्य साहू ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में अपराधियों ने खुलेआम चाकू से हमला किया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। उन्होंने इस पूरी घटना को कानून-व्यवस्था की बड़ी विफलता बताते हुए ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें फांसी की सजा देने की मांग की।
पुलिस के सामने हुआ हमला, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन अपराधियों को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना था कि हमलावर पुलिस वाहन तक पहुंच गए और वहां भी हमला जारी रखा। इसके बाद घायल युवकों को बाहर घसीटकर धारदार हथियार से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस चाहती तो कम से कम हवाई फायरिंग कर अपराधियों में दहशत पैदा कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की निष्क्रियता ही नहीं, बल्कि उसकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

बार पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भाजपा नेता ने कहा कि प्रशासन इस मामले को दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर मूल मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है। आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा की कानूनी टीम ने संबंधित बार के सभी दस्तावेजों की जांच की है और उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार बार के लाइसेंस संबंधी कागजात वैध पाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बार अवैध तरीके से संचालित हो रहा था तो उसे पहले सील क्यों नहीं किया गया। उनका कहना था कि किसी प्रतिष्ठान में अपराध होने की स्थिति में दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन तथ्यों के बिना पूरे मामले को दूसरी दिशा में ले जाना उचित नहीं है।
आदित्य साहू ने कहा कि यदि हत्याकांड की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और पुलिस की भूमिका की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो भाजपा आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर बंद के बाद जरूरत पड़ी तो पूरे झारखंड में आंदोलन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है और सरकार को इस मामले में निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।