Baba Baidyanath Dham: विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने पूजा और दर्शन व्यवस्था में दो बड़े बदलाव किए हैं. अब गर्भगृह में किसी भी श्रद्धालु को मोबाइल फोन ले जाने या उसका इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी. वहीं, बाह्य अर्घ्य से जलार्पण की व्यवस्था अब सिर्फ श्रावणी मेले तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष लागू रहेगी. प्रशासन का कहना है कि इन फैसलों से सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था दोनों बेहतर होंगी.
गर्भगृह में मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह रोक
देवघर समाहरणालय में हुई समीक्षा बैठक में मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन, पंडा धर्मरक्षिणी सभा और संबंधित अधिकारियों की सहमति से यह फैसला लिया गया. अधिकारियों के अनुसार, कई श्रद्धालु गर्भगृह में पूजा के बजाय मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने में समय लगाते हैं, जिससे दर्शन की रफ्तार प्रभावित होती है और कतार में खड़े अन्य श्रद्धालुओं को इंतजार करना पड़ता है. प्रशासन का मानना है कि मोबाइल प्रतिबंध से अनुशासन बना रहेगा और श्रद्धालु आसानी से पूजा कर सकेंगे.
पूरे साल बाह्य अर्घ्य से जलार्पण की सुविधा
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने बाह्य अर्घ्य व्यवस्था को स्थायी रूप से लागू करने का निर्णय लिया है. पहले यह व्यवस्था मुख्य रूप से श्रावणी मेले के दौरान ही रहती थी. नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु मंदिर के बाहर निर्धारित स्थान से जल अर्पित करेंगे, जिसे विशेष पाइपलाइन के जरिए सीधे बाबा बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग तक पहुंचाया जाएगा. इससे गर्भगृह में भीड़ कम होगी और दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु बनी रहेगी.
श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों पर भी जोर
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. बैठक में विशेष दर्शन व्यवस्था, शीघ्र दर्शन कूपन प्रणाली और श्रद्धालुओं की आवाजाही को बेहतर बनाने पर सहमति बनी.
प्रशासन ने मंदिर परिसर में नया पैदल पुल बनाने की योजना पर भी चर्चा की, ताकि भीड़ का दबाव कम किया जा सके. इसके अलावा रेलवे स्टेशन से मंदिर तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने और टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि इन सभी कदमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना है.