Himanshu Singh Murder Case: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड में नामजद आरोपी और डीडी बार संचालक नीरज सिंह को पुलिस ने राजस्थान के सीकर जिले से गिरफ्तार किया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, नीरज सिंह तक पहुंचने में मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी जांच की अहम भूमिका रही.
घटना के बाद से नीरज सिंह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था. उसकी तलाश में जमशेदपुर पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही थीं. इसी दौरान मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को उनके राजस्थान में होने की जानकारी मिली.
तकनीकी निगरानी के दौरान नीरज सिंह की लोकेशन खाटू श्याम मंदिर क्षेत्र के आसपास मिली. इसके बाद जमशेदपुर पुलिस ने राजस्थान पुलिस से संपर्क किया. दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उन्हें खाटू श्याम थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया.
सीकर कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर लाएगी पुलिस
नीरज सिंह को फिलहाल सीकर जिले में रखकर पूछताछ की जा रही है. उसे सीकर जिला अदालत में पेश करने बाद जमशेदपुर पुलिस ट्रांजिट रिमांड की अनुमति लेकर शहर लाएगी.
पुलिस टीम ने ट्रांजिट रिमांड से जुड़ी आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर रही है. अदालत से अनुमति मिलने के बाद नीरज सिंह को जमशेदपुर लाया जाएगा.
जमशेदपुर पहुंचने पर पुलिस उनसे घटना की पूरी पृष्ठभूमि, अन्य आरोपियों की भूमिका, फरारी के दौरान संपर्क में रहे लोगों और मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के बारे में पूछताछ करेगी.
27 जून को डीडी बार के बाहर हुआ था चापड़ से हमला
गौरतलब है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद पर चापड़ और चाकू से हमला किया गया था.
हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की 29 जून को इलाज के दौरान मौत हो गई थी. वहीं प्रत्युष आनंद गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है.
घटना के बाद शहर में विरोध प्रदर्शन हुआ था. पुलिस ने इस मामले में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया है. इनमें नीरज सिंह का नाम भी शामिल है. इसके साथ ही पुलिस उसके मैनेजर को भी गिरफ्तार कर चुकी है.इस मामले में अब तक 6 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.
मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की तलाश में छापेमारी
हिमांशु सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की तलाश भी जारी है. पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है.
सूत्रों के अनुसार, पुलिस बोदरा तक पहुंचने के काफी करीब है. हालांकि, पुलिस अधिकारी उसकी गिरफ्तारी को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी देने से बच रहे हैं.
अग्रिम जमानत याचिका पर बदल गई कानूनी स्थिति
नीरज सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में सुनवाई प्रस्तावित थी. गिरफ्तारी के बाद उनकी अग्रिम जमानत याचिका का महत्व समाप्त हो गई है.
कानूनी जानकारों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद अग्रिम जमानत की याचिका अप्रासंगिक हो जाती है. ऐसे में नीरज सिंह को पहले अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस लेनी होगी. इसके बाद वे सीजेएम की अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं.
दूसरी ओर, नीरज सिंह की पत्नी संध्या सिंह की ओर से दायर दो अलग-अलग याचिकाएं अभी विचाराधीन हैं. इनमें पुलिस द्वारा जब्त की गई दो कारों को रिलीज करने और बिना सर्च वारंट घर पर छापेमारी किए जाने के आरोपों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है.
पूछताछ के बाद साफ हो सकती है नीरज सिंह की भूमिका
नीरज सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य आरोपियों के बयान का मिलान करेगी.
पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हो सकता है कि घटना के समय नीरज सिंह की भूमिका क्या थी, वारदात के बाद आरोपी किसके संपर्क में थे और फरारी के दौरान उन्हें किस स्तर पर मदद मिली. पुलिस की आगे की कार्रवाई और अदालत की प्रक्रिया पर अब पूरे शहर की नजर बनी हुई है.