Current News : इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा भारत के समर्थन का दावा किए जाने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि नेतन्याहू का यह कहना गलत है कि भारत इस्राइल के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि भले ही प्रधानमंत्री मोदी इस्राइल के प्रति झुकाव रखते हों, लेकिन करोड़ों भारतीय गाजा में जारी हिंसा, फलस्तीनियों के विस्थापन, ईरान पर हमलों और दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हैं। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी भारत की सभ्यतागत परंपराओं और मानवीय मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
अमेरिकी इंटरव्यू में नेतन्याहू ने किया था भारत के समर्थन का दावा
जयराम रमेश ने कहा कि नेतन्याहू से समर्थन या प्रशंसा मिलना सम्मान की बात नहीं है। उन्होंने दावा किया कि नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुके हैं और अमेरिका में भी उनके प्रति असंतोष बढ़ रहा है।
दरअसल, एक अमेरिकी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा था कि इस्राइल को केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि भारत जैसे देशों का भी समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि भारत 140 करोड़ की आबादी वाला बड़ा देश है और वहां से उन्हें व्यापक समर्थन मिलता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक पर उन्हें भारत से बड़ी संख्या में समर्थन वाले संदेश मिलते हैं।
कांग्रेस ने विदेश नीति पर भी उठाए सवाल
यह बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उस टिप्पणी के जवाब में आया था, जिसमें वेंस ने कहा था कि यदि इस्राइल अमेरिकी नीतियों की आलोचना करता है तो उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि अमेरिका उसका सबसे शक्तिशाली सहयोगी है।
नेतन्याहू के इस बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और प्रधानमंत्री मोदी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी विदेशी नेता के दावे को भारत की आधिकारिक विदेश नीति या पूरे देश की राय नहीं माना जा सकता।