Jamshedpur: जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित BURMA MINES गोदाम में काम बंद किए जाने के विरोध में वहां कार्यरत मजदूरों ने अपनी समस्या को लेकर संबंधित विभाग और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। मजदूरों का कहना है कि गोदाम में काम बंद होने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों ने बताया कि वे लंबे समय से इस गोदाम में कार्यरत हैं। निगम गठन के समय से ही कई मजदूर यहां काम कर रहे हैं, जबकि उनके पूर्वजों ने भी इस गोदाम में अपनी सेवाएं दी हैं। मजदूरों का कहना है कि करीब 40 से 50 वर्षों से इसी रोजगार के सहारे उनके परिवारों का पालन-पोषण होता आ रहा है।
FCI से JSFC तक खाद्यान्न पहुंचाने में निभाते थे भूमिका
मजदूरों के अनुसार, पहले FCI से JSFC BURMA MINES गोदाम में खाद्यान्न आता था, जिसे बाद में डीलरों तक पहुंचाने का काम किया जाता था। इसी कार्य से जुड़े मजदूरों को रोजगार मिलता था और उनकी रोजी-रोटी चलती थी। मजदूरों का कहना है कि अब विभाग की ओर से गोदाम का काम उनसे पूरी तरह हटाया जा रहा है, जिससे उनकी आय का एकमात्र साधन खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अचानक रोजगार बंद होने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा और उनके सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मजदूरों ने की रोजगार जारी रखने की मांग
मजदूरों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से अपील की है कि उनकी वर्षों पुरानी सेवा और परिस्थितियों को देखते हुए रोजगार जारी रखने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए, ताकि उनके परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके।