Jamshedpur: जमशेदपुर के होनहार छात्र नीलाभ सेनगुप्ता ने पहले ही प्रयास में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) उत्तीर्ण कर शहर का नाम रोशन किया है। विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए यह परीक्षा अनिवार्य होती है। नीलाभ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली ही कोशिश में सफलता हासिल की।
लॉयोला स्कूल से शुरू हुआ सफर
नीलाभ ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जमशेदपुर के लॉयोला स्कूल से पूरी की और प्लस-टू में अच्छे अंक प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन का रुख किया। हालांकि, पढ़ाई के दौरान पहले कोविड-19 महामारी और फिर यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण उनकी शिक्षा प्रभावित हुई। इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई जॉर्जिया स्थानांतरित कर दी और वहीं से एमबीबीएस की डिग्री पूरी की।
कड़ी मेहनत से हासिल की मंजिल
मार्च 2026 में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर नीलाभ जमशेदपुर लौटे। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन के साथ FMGE की तैयारी शुरू की। बताया जाता है कि उन्होंने रोजाना करीब 18 घंटे तक पढ़ाई की और अपनी मेहनत के दम पर पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर ली।
TMH में किया ऑब्जर्वरशिप
विदेश में पढ़ाई के दौरान छुट्टियों में जब भी नीलाभ जमशेदपुर आते थे, तब वे समय का सदुपयोग करते हुए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के विभिन्न विभागों में अनुभवी चिकित्सकों के मार्गदर्शन में ऑब्जर्वरशिप करते थे। इससे उन्हें चिकित्सा क्षेत्र की व्यावहारिक समझ भी मिली।
परिवार और शहर में खुशी का माहौल
नीलाभ की इस उपलब्धि से उनके परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। FMGE में पहली ही कोशिश में सफलता मिलने पर उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। उनकी सफलता शहर के उन छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनी है, जो विदेश में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।