East Singhbhum Malaria Outbreak: पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का संक्रमण लगातार गंभीर होता जा रहा है। बुधवार को ब्रेन मलेरिया और उससे जुड़ी जटिलताओं के कारण दो और लोगों की मौत हो गई। इनमें एक पांच वर्षीय बच्ची भी शामिल है। इन नई मौतों के बाद वर्ष 2026 में जिले में मलेरिया से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है, लेकिन प्रभावित इलाकों में हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं।
ब्रेन मलेरिया से मासूम की नहीं बच सकी जान
पोटका प्रखंड के रहने वाले गणेश सरदार की पांच वर्षीय बेटी राखी सरदार पिछले कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थी। तबीयत बिगड़ने पर 5 जुलाई को उसे पहले खासमहल स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे उसी दिन महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल रेफर कर दिया। एमजीएम में जांच के दौरान बच्ची में सेरेब्रल (ब्रेन) मलेरिया की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार को उसकी मौत हो गई। अस्पताल में फिलहाल ब्रेन मलेरिया से पीड़ित दो अन्य मरीजों का भी इलाज चल रहा है, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
टीएमएच में महिला ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ा
मलेरिया से दूसरी मौत टुरियाबेरा गांव की 50 वर्षीय मेरी बंडारा की हुई। चिकित्सकों के अनुसार वह केवल मलेरिया ही नहीं, बल्कि निमोनिया और पीलिया जैसी गंभीर बीमारियों से भी जूझ रही थीं। शुरुआत में उनका इलाज मर्सी अस्पताल में चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) रेफर किया गया। इलाज के दौरान बुधवार को उन्होंने भी अंतिम सांस ली।
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
मलेरिया के बढ़ते मामलों और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के आरोपों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग का आरोप है कि क्षेत्र में मलेरिया नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण हालात लगातार बिगड़ते गए।
संक्रमण रोकने के लिए तेज किए जा रहे प्रयास
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण, मच्छर नियंत्रण अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि संक्रमण पर जल्द नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त मेडिकल टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है। हालांकि, लगातार हो रही मौतों ने जिले में मलेरिया की स्थिति को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।