Jharkhand: झारखंड अब पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है। नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 कार्यक्रम में राज्य सरकार ने डिजिटल बदलाव को लेकर अपना विस्तृत विजन और भविष्य की कार्ययोजना पेश की। सरकार का लक्ष्य झारखंड को सार्वजनिक प्रशासन में AI के इस्तेमाल के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। इस पहल के जरिए शासन व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी, तेज और डेटा आधारित बनाने की तैयारी है, जिससे आम लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान हो सके।
AI के जरिए बदलेगा शासन का तरीका
राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए रोडमैप में प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग, खनन और नागरिक सेवाओं में AI तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य ऐसी डिजिटल व्यवस्था तैयार करना है, जहां फैसले रियल टाइम डेटा के आधार पर लिए जा सकें और योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से हो सके। इससे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
AI Policy 2026-2031 का खाका तैयार
झारखंड सरकार ने अपनी प्रस्तावित झारखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी राष्ट्रीय मंच पर साझा की। पांच वर्षों की इस नीति में कई अहम क्षेत्रों में AI आधारित समाधान विकसित करने की योजना बनाई गई है।
इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- सार्वजनिक प्रशासन में AI का उपयोग
- स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी
- कृषि क्षेत्र में तकनीकी समाधान
- शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल सुधार
- खनन प्रबंधन को आधुनिक बनाना
- पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि AI तकनीक के इस्तेमाल के दौरान डेटा सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और नागरिकों की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
सुशासन के लिए तीन बड़े AI सिस्टम होंगे तैयार
झारखंड सरकार ने प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तीन प्रमुख AI आधारित प्लेटफॉर्म विकसित करने का प्रस्ताव रखा है।
1. मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
यह सिस्टम राज्य के अलग-अलग विभागों के डेटा को एक जगह जोड़ेगा। इसके जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारी सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की स्थिति की रियल टाइम निगरानी कर सकेंगे। इससे नीति निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और सटीक होगी।
2. हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम
इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी की जाएगी। AI की मदद से कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान कर समय रहते प्रभावी कदम उठाने में सहायता मिलेगी।
3. क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम
खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड में यह सिस्टम खनन गतिविधियों की निगरानी, अवैध खनन पर नियंत्रण, परिवहन व्यवस्था और राजस्व प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कई बड़ी योजनाएं
राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की योजना बनाई है। इनमें शामिल हैं:
- स्टेट AI मिशन
- झारखंड AI क्लाउड
- AI इनोवेशन हब
- AI पार्क
- AI इनोवेशन जोन
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
स्टार्टअप और स्किलिंग इकोसिस्टम
इन पहलों से राज्य में रिसर्च, टेक्नोलॉजी इनोवेशन और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
AI मिशन के लिए 1,150 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव
सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए AI आधारित विकास योजनाओं पर करीब 1,150 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। यह राशि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने, तकनीकी क्षमता बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने और सरकारी विभागों में AI के इस्तेमाल को विस्तार देने पर खर्च की जाएगी।
रांची में बनेगा 100.97 एकड़ में IT Park
राजधानी रांची में करीब 100.97 एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक IT Park विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस पार्क को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, बड़ी IT कंपनियों, टेक स्टार्टअप्स और इनोवेशन आधारित संस्थानों के केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। इससे झारखंड की तकनीकी पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
2050 तक बड़ा डिजिटल लक्ष्य
झारखंड सरकार ने वर्ष 2050 को ध्यान में रखते हुए कई बड़े लक्ष्य तय किए हैं। इनमें शामिल हैं:
- 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करना
- 50 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना
- 1,000 से अधिक AI स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना
- एक लाख से ज्यादा AI आधारित रोजगार के अवसर पैदा करना
गांवों तक पहुंचेगी डिजिटल सुविधा
सरकार का यह डिजिटल मिशन केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों और पंचायत स्तर तक तकनीकी सुविधाओं को पहुंचाना है।
इसके तहत:
- बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म
- व्हाट्सएप आधारित सरकारी सेवाएं
- ऑनलाइन शिकायत समाधान व्यवस्था
- पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता
जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है, ताकि आम नागरिक अपनी भाषा में आसानी से सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सके।
युवाओं को AI स्किल से जोड़ा जाएगा
AI आधारित व्यवस्था को सफल बनाने के लिए सरकार कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान देगी। इसके तहत युवाओं और सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए देश-विदेश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी करने और भविष्य की जरूरतों के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने की योजना बनाई गई है। कार्यक्रम के दौरान झारखंड सरकार ने देश-विदेश की IT कंपनियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और शैक्षणिक संस्थानों से राज्य के साथ साझेदारी करने की अपील की। सरकार का कहना है कि मजबूत डिजिटल ढांचा, AI आधारित शासन और बेहतर नीतियों के जरिए झारखंड को तकनीकी विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।