Pakur News : जाली दस्तावेजों के आधार पर कथित रूप से जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले में पाकुड़ के अंचल अधिकारी (सीओ) अरविंद कुमार बेदिया और राजस्व कर्मचारी राकेश भगत पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। पूर्व वार्ड पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उपायुक्त (डीसी) को स्मरण पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
नियमों के उल्लंघन का आरोप, प्रमाण पत्र रद्द करने की मांग
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि दो व्यक्तियों के पक्ष में जाली दस्तावेजों के आधार पर नियमों का उल्लंघन करते हुए जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए। उनका कहना है कि इस संबंध में 6 मई 2026 को भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अवैध रूप से जारी प्रमाण पत्रों को तत्काल निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और कोर्ट जाने की चेतावनी
पूर्व वार्ड पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अंचल कार्यालय का घेराव किया जाएगा और मामले को लेकर अदालत का रुख भी किया जाएगा। स्मरण पत्र में कई वर्तमान और पूर्व वार्ड पार्षदों के हस्ताक्षर शामिल हैं। वहीं, पाकुड़ के अंचल अधिकारी अरविंद कुमार बेदिया ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित दोनों व्यक्तियों को नोटिस जारी कर दिया गया है और मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र प्राप्त करने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।