Monsoon Update: देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी स्थिति बनी हुई है. कई राज्यों में जान-माल का नुकसान हुआ है, जबकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
उत्तराखंड और हिमाचल में सबसे ज्यादा असर
उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं. 100 से ज्यादा संपर्क मार्ग बंद होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है. गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई प्रमुख रास्तों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई है. चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ा है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ और तेज बारिश से करीब 75 सड़कें बंद हो गई हैं. एक लोहे का पुल बह जाने से कई गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है.
यूपी, गुजरात और राजस्थान में जान-माल का नुकसान
उत्तर प्रदेश में बारिश और आकाशीय बिजली से जुड़े हादसों में 19 लोगों की मौत की खबर है. बुलंदशहर में दीवार गिरने से एक परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, जबकि गाजियाबाद और पूर्वांचल के कई जिलों में भी बारिश से जुड़े हादसे सामने आए हैं. गुजरात में बारिश से जुड़े घटनाक्रम में नौ लोगों की मौत हुई है और निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राजस्थान में भारी बारिश के कारण मकान गिरने की घटनाएं हुई हैं और छह ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं.
दिल्ली-एनसीआर और महाराष्ट्र में भी मुश्किलें बढ़ीं
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव और लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला. कई जगह 24 से 30 घंटे के भीतर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई. महाराष्ट्र में पुणे में इमारत गिरने के मामले में राहत कार्य जारी है. रायगढ़ में बाढ़ के दौरान हजारों गैस सिलेंडर बह गए, जबकि मुंबई में जलभराव और भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित रहीं.
मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले 24 घंटे सतर्क रहने की सलाह दी है. लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है. राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी और सहायता कार्य में जुटे हैं.