Jamshedpur: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) राजीव रंजन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजी ग्राम), अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा पीएम जनमन आवास योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान बताया गया कि 1 जुलाई से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का संचालन अब "वीबीजी ग्राम" के नाम से किया जा रहा है।
हर गांव में संचालित होंगी कम से कम 5 योजनाएं
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और संबंधित अधिकारियों को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि "प्रत्येक पंचायत में 15 से 20 योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए और हर गांव में कम से कम 5 योजनाएं अनिवार्य रूप से संचालित की जाएं।" इसके साथ ही उन्होंने निर्माणाधीन आवासों को जल्द पूरा करने और ग्रामीणों को निरंतर रोजगार मुहैया कराने पर विशेष जोर दिया।
जियो टैगिंग और इ-केवाईसी के लिए काम करने के निर्देश
योजनाओं के तहत पूर्ण हो चुकी परिसंपत्तियों की जियो टैगिंग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने "जियो मनरेगा" पोर्टल पर शत-प्रतिशत काम पूरा करने को कहा। इसके लिए रोजगार सेवकों का एक साप्ताहिक रोस्टर तैयार कर उन पंचायतों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया जहां अधिक योजनाएं चल रही हैं। बैठक में एनएमएमएस (NMMS) ऐप के जरिए मजदूरों की 100% उपस्थिति दर्ज करने और एक सप्ताह के भीतर 95% जॉब कार्डधारियों का इ-केवाईसी (e-KYC) पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया। वहीं, जो अपात्र जॉब कार्डधारी स्थायी रूप से पलायन कर चुके हैं, उनका नाम ग्रामसभा की अनुशंसा पर हटाने की बात कही गई।
राशि लेकर आवास न बनाने वालों पर होगी कार्रवाई
अबुआ आवास, पीएम आवास (ग्रामीण) और पीएम जनमन आवास योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि "जिन लाभुकों ने सरकारी राशि प्राप्त करने के बावजूद अब तक आवास का निर्माण कार्य शुरू या पूर्ण नहीं किया है, उनसे जल्द काम पूरा कराया जाए। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने निर्देश दिया कि तीसरी किस्त पा चुके लाभुकों के घरों की छत ढलाई और पहली किस्त पाने वालों के निर्धारित कार्य इसी महीने हर हाल में पूरे किए जाएं। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) नागेन्द्र पासवान, निदेशक एनईपी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, बीपीओ (BPO) समेत संबंधित विभागों के तमाम अधिकारी मौजूद थे।