Ranchi: राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में आग जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी को लेकर अग्निशमन मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। रिम्स के प्रबंधन विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल में आग लगने की स्थिति में मरीजों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
आग लगने पर त्वरित कार्रवाई की दी गई जानकारी
मॉक ड्रिल के दौरान फायर इमरजेंसी की स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों का प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि आग लगने की सूचना मिलते ही किस तरह तुरंत प्रतिक्रिया देनी है, शुरुआती स्तर पर आग पर नियंत्रण कैसे पाया जा सकता है और अग्निशमन उपकरणों का सही इस्तेमाल किस प्रकार किया जाता है। इसके अलावा अस्पताल में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने, स्ट्रेचर की मदद से गंभीर मरीजों को स्थानांतरित करने और राहत कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की जानकारी भी दी गई।
सुरक्षा नियमों और आपदा प्रबंधन पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तय सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करें। सभी को निर्धारित असेंबली प्वाइंट तक पहुंचने और अस्पताल के सुरक्षा प्रोटोकॉल को अपनाने की जानकारी दी गई। इस दौरान आग के प्रकार, अग्नि सुरक्षा के उपाय और आपदा के समय सावधानी बरतने के तरीकों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
300 से अधिक लोगों ने लिया प्रशिक्षण में हिस्सा
कार्यक्रम में रिम्स के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. शैलेश त्रिपाठी सहित कई चिकित्सक, चिकित्सा पदाधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल छात्र, पैरामेडिकल कर्मी, सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मचारी, रसोई कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मियों ने भाग लिया। इसके अलावा मरीजों और उनके परिजनों ने भी इस प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में करीब 300 लोगों को आपात स्थिति में सुरक्षित रहने और दूसरों की मदद करने के तरीकों की जानकारी दी गई।