कार्यक्रम में क्या बोले बाबा रामदेव
दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि अलग-अलग धर्म होने के बावजूद सभी के पूर्वज एक हैं. उन्होंने दावा किया कि मुसलमानों को हिंदू राष्ट्र की अवधारणा से डरने की जरूरत नहीं है. उनका कहना था कि भारत में मुसलमानों और ईसाइयों के लिए कोई खतरा नहीं है.
रामदेव ने यह भी कहा कि लोगों को अपने पूर्वजों के चरित्र और परंपराओं से प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने अपने संबोधन में देवबंद की एक पुरानी यात्रा का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने वहां भी समान विचार व्यक्त किए थे.
मुस्लिम संगठनों ने जताई नाराजगी
रामदेव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेलंगाना की संस्था तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने आरोप लगाया कि बाबा रामदेव इतिहास और समाज से जुड़े तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि देश के मूल निवासियों को लेकर अलग ऐतिहासिक दृष्टिकोण मौजूद है और इस तरह के बयान समाज में भ्रम पैदा कर सकते हैं.
मौलाना मुश्ताक मलिक ने बाबा रामदेव की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए उन्हें समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया. उनका आरोप है कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द के बजाय विवाद को बढ़ावा देते हैं.
संविधान और भाईचारे का दिया गया हवाला
मौलाना सिराज खान ने भी बाबा रामदेव के बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि देश संविधान के अनुसार चलता है और सभी नागरिकों के अधिकार उसी व्यवस्था से तय होते हैं. उनका दावा है कि किसी भी समुदाय को डराने या इस तरह की टिप्पणी करने का कोई औचित्य नहीं है.