Jharkhand Administrative Reshuffle: झारखंड सरकार ने प्रखंड और अंचल स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की तैनाती अब कार्यभार और पद के अनुरूप की जाएगी. सरकार का उद्देश्य पदस्थापन में मौजूद विसंगतियों को खत्म कर विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है.
कार्यभार के आधार पर होगी अधिकारियों की तैनाती
सरकार की नई व्यवस्था के तहत राज्य की 271 प्रशासनिक इकाइयों का आकलन किया गया है. जिन प्रखंडों और अंचलों में 12 या उससे अधिक पंचायतें हैं, वहां प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी दोनों की अलग-अलग तैनाती होगी. ऐसी कुल 164 इकाइयों में दो वरिष्ठ अधिकारियों की व्यवस्था लागू की जाएगी. वहीं 53 इकाइयों में केवल अंचल अधिकारी और 54 इकाइयों में केवल प्रखंड विकास पदाधिकारी की तैनाती की जाएगी, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके.
पद और जिम्मेदारी में होगा संतुलन
सरकार का मानना है कि प्रोन्नति के बाद भी अधिकारियों को लंबे समय तक निचले पदों पर रखने से उनकी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाता. इसी कारण अब पद, वेतनमान और जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है. सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से अनुभवी अधिकारियों की विशेषज्ञता का बेहतर लाभ मिलेगा और प्रशासनिक फैसलों में तेजी आएगी.
कई जिलों में लागू होगी नई व्यवस्था
नई पदस्थापन नीति के तहत रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, हजारीबाग, रामगढ़, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, चतरा, पलामू, लातेहार, गढ़वा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहेबगंज समेत राज्य के विभिन्न जिलों के प्रखंडों और अंचलों में अधिकारियों की तैनाती नए ढांचे के अनुसार की जाएगी. कुछ क्षेत्रों में केवल अंचल अधिकारी की व्यवस्था भी लागू होगी. सरकार का मानना है कि इस बदलाव से प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम लोगों को सरकारी सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा.